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Nagkesar Ke chamatkari Prayog jyotish anusar

नागकेशर  क्या है, जानिए ज्योतिष  में इस वनस्पति का महत्व, नागकेसर के टोटके, जीवन की समस्याओं को दूर करने के लिए ज्योतिष में नागकेसर जड़ी बूटी का उपयोग कैसे करें, समृद्धि के लिए नागकेसर के टोटके |

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Nagkesar Ke chamatkari Prayog jyotish anusar

जड़ी-बूटियों में  नागकेशर एक बहुत ही शक्तिशाली और पवित्र जड़ी बूटी है। इसे अंग्रेजी में  Mesua ferrea भी कहते हैं। यह काली मिर्च की तरह लगता है। इसके फूल मेंहदी की तरह दिखते हैं। ज्योतिष और तांत्रिक प्रयोग  मेसुआ फेरिया या नागकेशर बहुत महत्व रखता है, इसे महादेव या भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए भी चढ़ाया जाता है। जब हम उपचारात्मक ज्योतिष के बारे में बात करते हैं तो इस वनस्पति का उपयोग कई समस्याओं को दूर करने के लिए किया जाता है, इसलिए इस लेख में मैं इस जादुई वनस्पति  के बारे में बात करेंगे |

इस चमत्कारी जड़ी बूटी का उपयोग देवी लक्ष्मी, भगवान शिव को प्रसन्न करने और प्रेम जीवन और वैवाहिक जीवन की बाधाओं को दूर करने के लिए भी किया जाता है।

यही नहीं इसका प्रयोग आयुर्वेद में भी बहुत किया जाता है, शीत से सम्बंधित बीमारियों को दूर करने के लिए इसका प्रयोग बहुत होता है |

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आइये जानते हैं नाग केसर कैसे प्रयोग करे जीवन को सफल बनाने के लिए :

  1. यदि घर या व्यावसायिक स्थान में संघर्ष बना रहता है, लड़ाई झगडे खूब होते हैं तो शांति का वातावरण बनाने के लिए प्रतिदिन नागकेसर का तिलक लगाए, इसके लिए इसको घिस के लेप बना ले |
  2. अगर व्यापार नहीं बढ़ रहा हो तो भोजपत्र के चौकोर टुकड़े में लाल चंदन का स्वस्तिक बनाकर स्वास्तिक पर नागकेशर चिपका दे, सुखाकर अपने कैश बॉक्स में रख दें और प्रतिदिन इसकी पूजा करे । इससे बरकत होगी, व्यापार बढेगा |
  3. समृद्धि के लिए एक और अच्छा प्रयोग है, इसके लिए चांदी के डिब्बे नागकेशर को शहद में मिला के रखें। दीपावली की रात इसकी पूजा करें और अपनी तिजोरी में रख दें। यह समृद्धि का मार्ग खोलेगा। 
  4. समृद्धि के लिए एक और शक्तिशाली प्रयोग है, पीले कपड़े में नागकेशर, हल्दी, सुपारी, तांबे के साथ रखें। देवी महालक्ष्मी के मंत्रों से इसे अभिमंत्रित करे करें और अपनी तिजोरी में रख दें।
  5. जो लोग भगवन शिव की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं , वे लोग प्रतिदिन नागकेसर शिवलिंग पे अर्पित करे शिवजी के पंचाक्षरी मन्त्र का जप करते हुए | इससे शिव कृपा से धनागमन के रस्ते खुलेंगे |
  6. धन के लिए यदि आप नागकेशर को दूध, शहद, चीनी, घी, गंगाजल के साथ एक सिद्ध शिवलिंग पर चढ़ाते हैं, तो आपको जबरदस्त परिणाम मिलेगा।
  7. चमेली, मेसुआ फेरिया या नागकेशर, तगर और कुमकुम का लेप रवीपुष्य या गुरुपुष्य पर भी इसमें घी मिलाकर प्रतिदिन तिलक के लिए प्रयोग करें। इससे आपकी हिप्नोटिक पावर बढ़ेगी।
  8. अगर घर में बार बार लोगो को सर्दी जुकाम खांसी होती हो तो ऐसे में आपको नागकेसर से हवन करना चाहिए शुभ महुरत मे, इससे रोग दूर होगा |
  9. अगर आप आर्थिक परेशानी से जूझ रहे हैं तो श्री सूक्तम से हवन करें और आहुति में नागकेसर का प्रयोग करें। इससे आपके आय के स्रोत खुलेंगे |

इस तरह अगर हम जीवन में अलग-अलग क्षेत्र में समस्याओं का सामना कर रहे हैं तो इस जादुई वनस्पति के प्रयोग से हम कई समस्याओं को कम कर सकते हैं।

नोट: इस दिव्य वनस्पति का जब भी प्रयोग करे तो महुरत का ध्यान अवश्य रखे जिससे परिणाम अच्छे और शीघ्र मिलेंगे  जैसे रवि पुष्य, गुरु पुष्य, सर्वार्थ सिद्धि योग, नवरात्रि आदि में इसके प्रयोग करे ।

यदि आप करियर, वैवाहिक जीवन, स्वास्थ्य, सामाजिक जीवन में समस्याओं का सामना कर रहे हैं तो अनुभवी ज्योतिषी से विश्लेषण और समाधान के लिए संपर्क कर सकते हैं | 

जानिए कुंडली के अनुसार सर्वश्रेष्ठ भाग्यशाली रत्न, सर्वोत्तम पूजा, अनुकूल समय , बुरा समय, सफलता के प्रयोगों के बारे में |

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August 2021 Mai Kaun Se Grah Badlenge Rashi

 Planets Transit in August 2021, Rashi Parivartan August 2021, किन ग्रहों में बदलाव होगा अगस्त 2021 में, क्या असर होगा 12 राशी वालो पर, जानिए राशिफल |

वैदिक ज्योतिष के हिसाब से ग्रहों के परिवर्तन का पूरा असर हमारे जीवन पर पड़ता है और इसी कारण ज्योतिष प्रेमियों की निगाह इस पर रहती है की कब कौन सा ग्रह अपनी राशि और स्थिति बदलने वाला है | 

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August 2021 Mai Kaun Se Grah Badlenge Rashi

इस लेख में हम जानेंगे की अगस्त 2021 में कौन से ग्रह अपनी राशि बदलने वाले है और उसका असर क्या होने वाला है 12 राशी वाले लोगो के जीवन पर साथ ही वातावरण पर, किनको मिलेगा लाभ, किनके जीवन में होगी उथल पुथल |

आइये जानते हैं अगस्त में कौन कौन से ग्रह बदलने वाले है राशी :

अगस्त 2021 में 4 ग्रह अपनी राशि बदलेंगे जिसका पूरा असर हमे बाजार पर और लोगो की जिन्दगी में देखने को मिलेगा | कुछ लोगो को नौकरी मिलेगी, कुछ को तरक्की मिलेगी, कुछ को जीवन साथी मिलेगा, कुछ लोगो को प्रेम जीवन में सफलता मिलेगी आदि |

  1.  9 अगस्त 2021, सोमवार को बुध का सिंह राशि में गोचर होगा 
  2. 11 अगस्त 2021 बुधवार को शुक्र का कन्या राशि में गोचर होगा 
  3. 17 अगस्त 2021, मंगलवार को सूर्य सिंह राशि में प्रवेश करेंगे 
  4. 26 अगस्त 2021, गुरुवार को बुध कन्या राशी में गोचर करेंगे
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आइये अब जानते हैं विस्तार से :

1. 9 अगस्त 2021, सोमवार को बुध का सिंह राशि में गोचर होगा :

9 august की रात्रि को लगभग 1:23 मिनट पे बुध ग्रह कर्क राशि से निकलके सिंह राशी में गोचर करेंगे जो की बुध की मित्र राशि है अतः इसका बहुत अच्छा असर हमे जीवन में और बाजार में देखने को मिलेगा | बुध सिंह राशी में 26 अगस्त को सुभ 11:08 मिनट तक रहेंगे |

आइये जानते हैं किस राशी पर क्या असर होगा बुध के सिंह राशी में गोचर का :-

  1. मेष राशिफल  - अगर आप विद्यार्थी है तो आपको बहुत लाभ होगा, अगर आप प्रतियोगी परीक्षा में बैठ रहे हैं तो सफलता मिलने के योग बढ़ जायेंगे | जो मेष राशी के लोग प्रेमी की तलाश में हैं उन्हें प्राप्त होगा, भाग्य साथ देगा जिससे रुके कार्य पूरे होंगे |
  2. वृषभ राशिफल  - अगर आप वृषभ राशी के है तो आपके भूमि और वाहन खरीदने के योग बढ़ेंगे | माता के आशीर्वाद से आपके रुके कार्य पूरे होंगे | परिवार के साथ अच्छा समय बिता पायेंगे |
  3. मिथुन राशिफल  - अगर आप मिथुन राशी के है तो आपके पराक्रम में बहुत वृद्धि होगी, आप अपने साहस से रुके कार्यो को पूरा कर पायेंगे |
  4. कर्क राशिफल  - अगर आप कर्क राशी के हैं तो आपको धन लाभ होगा, आय के नए स्त्रोत खुलेंगे और रुका धन भी प्राप्त हो सकता है |
  5. सिंह राशिफल  - सिंह राशी वाले लोगो की रचनात्मकता बढ़ जाएगी, आप पहले से अच्छा काम कर पायेंगे, अपने बुद्धि बल से आप अपने कार्यो को पूर्ण कर लेंगे |
  6. कन्या राशिफल  - कन्या राशी के लोग मनोरंजन में काफी खर्चा करेंगे और साथ ही कम समय के लिए निवेश भी कर पायेंगे |
  7. तुला राशिफल  - तुला राशी वालो के आय के स्त्रोत खुलेंगे, आप अपनी इच्छाओं को पूरा कर पाएंगे |
  8. वृश्चिक राशिफल  - वृश्चिक राशि वालो के उपर जिम्मेदारी बढ़ेगी और साथ ही मान-सम्मान बढेगा | 
  9. धनु राशिफल  - धनु राशी वालो का भाग्य अब साथ देगा जिससे अगर आप नौकरी ढून्ढ रहे हैं तो मिलेगी, अगर आप व्यापार करते हैं तो उसे बढ़ा पायेंगे, रुके कार्य पूरे होंगे |
  10. मकर राशिफल  - अगर आप मकर राशि वाले हैं तो आपको अचानक से कोई बड़ा लाभ होगा जो आपको चकित कर देगा | जीवन में अचानक परिवर्तनों के लिए आपको तैयार रहना होगा |
  11. कुम्भ राशिफल  - कुम्भ राशि वाले पार्टनरशिप में कोई काम कर सकते हैं और जो लोग विवाह करना चाहते हैं उन्हें साथी की प्राप्ति होगी |
  12. मीन राशिफल  - मीन राशी वालो का अगर कहीं धन अटका हुआ है तो उसे मिलने के रास्ते खुलेंगे | शत्रु परास्त होंगे जिससे मन प्रसन्न होगा |

2. 11 अगस्त 2021 बुधवार को शुक्र का कन्या राशि में गोचर होगा :

11 august, बुधवार को लगभग 11:20 मिनट सुभ शुक्र सिंह राशी से निकल के कन्या राशी में गोचर करेंगे जो की शुक्र की नीच राशि है अतः इसके कारण भी लोगो के जीवन में काफी परिवर्तन देखने को मिलेंगे | शुक्र कन्या राशि में 6 सितम्बर तक रहेंगे |

आइये जानते हैं किस राशी पर क्या असर होगा शुक्र के कन्या राशी में गोचर का :-

  1. मेष राशि  - विपरीत लिंग से आपको धोखा मिल सकता है अतः सम्बन्ध बनाने में सावधानी रखे | 
  2. वृषभ राशि  - वृषभ राशी के प्रेमियों को गलत फहमी के कारण परेशां होना पड़ सकता है साथ ही अगर आप शेयर मार्किट से जुड़ा काम करते हैं तो आपको अब सावधान हो जाना चाहिए |
  3. मिथुन राशि  - अगर आप मिथुन राशी के है तो आपको काम काज के सिलसिले में बाहर जाना पड़ सकता है जिससे घर के सुख में कमी आएगी | माता के स्वास्थ्य को लेके चिंता बढ़ सकती है |
  4. कर्क राशि  - कर्क राशी वालो को परिवार में मतभेद का सामना करना पड़ सकता है जिससे मन परेशां रह सकता है |
  5. सिंह राशि  - आपका पैसा कहीं फंस सकता है अतः सोच समझ कर निवेश करे |
  6. कन्या राशि  - कन्या राशी वालो का मन बैचैन रह सकता है जिसके कारण आप चिढचिढ़े हो सकते हैं, गुस्सा बढ़ सकता है |
  7. तुला राशि  - आपके खर्चे बढ़ जायेंगे, मनोरंजन में , दोस्तों के साथ, अय्याशी में आपका धन खर्च हो सकता है, अतः सावधान रहे |
  8. वृश्चिक राशि  - वृश्चिक राशी वालो को अपनी इच्छाओं को पूरी करने के लिए अब बहुत मेहनत करना होगा |
  9. धनु राशि  - आपके ऊपर अनावश्यक काम का दबाव बढेगा जिससे आप परेशान रह सकते हैं, उच्च अधिकारियो से मन मुटाव बढ़ सकता है |
  10. मकर राशि  - मकर राशी वालो को अब भाग्य की बजाय अपनी मेहनत पे ज्यादा भरोसा करना होगा |
  11. कुम्भ राशि  - कुम्भ राशी वालो को अब अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना होगा, थोड़ी असावधानी आपको परेशानी में दाल सकती है |
  12. मीन राशि  - मीन राशी वालो का सम्बन्ध अपने जीवन साथी से ख़राब हो सकता है| किसी करीबी से धोखा मिल सकता है |

3. 17 अगस्त 2021, मंगलवार को सूर्य सिंह राशि में प्रवेश करेंगे :

17 august  2021, मंगलवार को सूर्य लगभग 1:05 मिनट रात्रि को कर्क राशी से निकल के सिंह राशि में गोचर करेंगे जो की सूर्य की स्व राशि है इसका बहुत अच्छा असर हमे देखने को मिलेगा सभी तरफ | सूर्य सिंह राशी में 17 सितम्बर तक रहेंगे |

आइये जानते हिं 12 राशी वालो पर क्या असर होगा सूर्य के सिंह राशी में गोचर का : -

  1. मेष राशिफल  - अगर आप विद्यार्थी है तो आपको बहुत लाभ होगा, अगर आप प्रतियोगी परीक्षा में बैठ रहे हैं तो सफलता मिलने के योग बढ़ जायेंगे | जो मेष राशी के लोग प्रेमी की तलाश में हैं उन्हें प्राप्त होगा, भाग्य साथ देगा जिससे रुके कार्य पूरे होंगे |
  2. वृषभ राशिफल  - अगर आप वृषभ राशी के है तो आपके भूमि और वाहन खरीदने के योग बढ़ेंगे | माता के आशीर्वाद से आपके रुके कार्य पूरे होंगे | परिवार के साथ अच्छा समय बिता पायेंगे |
  3. मिथुन राशिफल  - अगर आप मिथुन राशी के है तो आपके पराक्रम में बहुत वृद्धि होगी, आप अपने साहस से रुके कार्यो को पूरा कर पायेंगे |
  4. कर्क राशिफल  - अगर आप कर्क राशी के हैं तो आपको धन लाभ होगा, आय के नए स्त्रोत खुलेंगे और रुका धन भी प्राप्त हो सकता है |
  5. सिंह राशिफल  - सिंह राशी वाले लोगो की रचनात्मकता बढ़ जाएगी, आप पहले से अच्छा काम कर पायेंगे, अपने बुद्धि बल से आप अपने कार्यो को पूर्ण कर लेंगे |
  6. कन्या राशिफल  - कन्या राशी के लोग मनोरंजन में काफी खर्चा करेंगे और साथ ही कम समय के लिए निवेश भी कर पायेंगे |
  7. तुला राशिफल  - तुला राशी वालो के आय के स्त्रोत खुलेंगे, आप अपनी इच्छाओं को पूरा कर पाएंगे |
  8. वृश्चिक राशिफल  - वृश्चिक राशि वालो के उपर जिम्मेदारी बढ़ेगी और साथ ही मान-सम्मान बढेगा | 
  9. धनु राशिफल  - धनु राशी वालो का भाग्य अब साथ देगा जिससे अगर आप नौकरी ढून्ढ रहे हैं तो मिलेगी, अगर आप व्यापार करते हैं तो उसे बढ़ा पायेंगे, रुके कार्य पूरे होंगे |
  10. मकर राशिफल  - अगर आप मकर राशि वाले हैं तो आपको अचानक से कोई बड़ा लाभ होगा जो आपको चकित कर देगा | जीवन में अचानक परिवर्तनों के लिए आपको तैयार रहना होगा |
  11. कुम्भ राशिफल  - कुम्भ राशि वाले पार्टनरशिप में कोई काम कर सकते हैं और जो लोग विवाह करना चाहते हैं उन्हें साथी की प्राप्ति होगी |
  12. मीन राशिफल  - मीन राशी वालो का अगर कहीं धन अटका हुआ है तो उसे मिलने के रास्ते खुलेंगे | शत्रु परास्त होंगे जिससे मन प्रसन्न होगा |

4. 26 अगस्त 2021, गुरुवार को बुध कन्या राशी में गोचर करेंगे :

चौथा गोचर 26 august 2021 गुरुवार को होगा लगभग 11:08 बजे सुबह, इस दिन बुध अपने राशि कन्या में गोचर करेंगे जिसके कारण बहुत सकारात्मक परिवर्तन बाजार में देखने को मिलेंगे |  बुध कन्या राशी में 22 सितम्बर तक रहेंगे |

आइये जानते हिं 12 राशी वालो पर क्या असर होगा बुध के कन्या राशी में गोचर का : -

  1. मेष राशि  - मेष राशी वालो को रुका धन प्राप्त हो सकता है, शत्रु कमजोर होंगे जिससे मनोबल बढेगा |
  2. वृषभ राशि  - वृषभ राशी के जीवन में अचानक से लाभ होने लगेगा विभिन्न स्त्रोतों से , जो लोग प्रेमी की तलाश में हैं उन्हें सफलता मिलेगी |
  3. मिथुन राशि  - मिथुन राशी वाले ऐश्वर्य और मनोरंजन के साधनों में खरचा करेंगे और उसे भोगेंगे भी |
  4. कर्क राशि  - कर्क राशी के लोगो में पराक्रम बढेगा जिसके कारण आप अपने रुके कार्य पूरा कर पायेंगे | परिवार के साथ अच्छा समय गुजार पायेंगे |
  5. सिंह राशि  - सिंह राशी वालो के आय के स्त्रोत खुलेंगे जिससे मन में उत्साह बढेगा |
  6. कन्या राशि  - कन्या राशी वालो में रचनात्मकता बढ़ेगी साथ ही मन चंचल हो जायेगा | अब आपको जल्दी में कोई भी निर्णय नहीं लेना है |
  7. तुला राशि  - तुला राशी के लोग अब निवेश बढ़ा सकते हैं और साथ ही मनोरंजन में काफी खर्चा कर सकते हैं |
  8. वृश्चिक राशि  - आय के नए स्त्रोत खुलने से वृश्चिक राशी के लोगों की व्यस्तता बढ़ जाएगी |
  9. धनु राशि  - धनु राशी वाले लोगो के ऊपर जिम्मेदारियां बढेंगी साथ ही नाम और यश भी प्राप्त होगा |
  10. मकर राशि  - भाग्य का साथ प्राप्त होने से मकर राशी के लोगो के रुके काम बनेगे | धर्म के कार्यो में आप बढ़ चढ़ के हिस्सा ले सकते हैं |
  11. कुम्भ राशि  - कुम्भ राशी वालो के जीवन में अचानक से बड़े परिवर्तन हो सकते हैं अतः अपने आपको हर स्थिति के लिए तैयार रखें |
  12. मीन राशि  - आपके नए रिश्ते बनेंगे, अपने जीवन साथी के साथ आप यादगार पल बिता पायेंगे, साझेदारी में नया काम शुरू कर सकते हैं |

तो हमने देखा की अगस्त 2021 में कौन से 4 ग्रह अपनी राशी परिवर्तन करेंगे और उनका क्या असर होगा 12 राशी वालो के जीवन में |

अगर आप अपनी कुंडली के अनुसार जानना चाहते हैं की आपके जीवन में क्या मुख्य परिवर्तन हो सकता है , क्या करे सफलता के लिए , कौन सा रत्न आपका भाग्य जगा सकता है, कौन सी पूजा आपके लिए शुभ रहेगी, कैसा होगा वैवाहिक जीवन तो आप ज्योतिष से संपर्क आकर सकते हैं |

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Shatru Nash Prayog

शत्रु से कैसे बचे, how to protect ourselves from enemy attack, क्या करे अगर शत्रु कलि शक्तियों का प्रयोग करता हो, ज्योतिष से कैसे पता लगाए की शत्रु के द्वारा परेशानी का सामना करना पड़ेगा |

जीवन में शत्रु समस्या बहुत घातक और परेशां करने वाला होता है । सफलता के मार्ग में शत्रु के आक्रमण का भय सदैव ही बाधा उत्पन्न करता रहता है | भय तब अधिक होता है जब गुप्त आक्रमण की सम्भावना हो अर्थात शत्रु द्वारा काली विद्या या नकारात्मक शक्तियों का प्रयोग करने की सम्भावना हो। छिपे हुए हमले अधिक खतरनाक होते हैं और उनके परिणाम भी अप्रत्याशित होते हैं.

 

Shatru Nash Prayog, kale jadu se kaise bache
Shatru Nash Prayog

शत्रु के आक्रमण का मुख्य कारण ईर्ष्या, श्रेष्ठ बनने की इच्छा, स्वयं को महान दिखाने की इच्छा, वासना की पूर्ति आदि होता है ।

दो मुख्य प्रकार के शत्रु होते हैं जैसे भौतिक शत्रु और छिपे हुए शत्रु। भौतिक शत्रुओं से निपटना आसान है लेकिन छिपे हुए शत्रुओं से निपटना इतना आसान नहीं है। क्योंकि वो हमारे सामने खुलकर नहीं होते हैं |

आइये अब जानते हैं शत्रु के आक्रमण के कारणों को -

  • व्यापार में आगे निकलने की होड़ 
  • ईर्ष्या के कारण 
  • प्रेमी को किसी भी हालत में पाने की ईच्छा 
  • राजनीतिक मुद्दा
  • संपत्ति का मामला।
  • गलतफहमी आदि।

इसलिए इन सभी समस्याओं से खुद को बचाने के लिए कुछ करना जरूरी है। हमेशा कहा जाता है कि एहतियात इलाज से बेहतर है। यहां इस लेख में मैं स्पष्ट करने जा रहा हूं कि दुश्मन को कैसे हराया जाए, दुश्मन को कैसे नष्ट किया जाए, सुरक्षा के लिए क्या किया जाए, अपनी और परिवार की सुरक्षा के लिए क्या कर सकते हैं । तो अगर आप शत्रु से परेशां है तो आपके लिए ये लेख काफी महत्त्वपूर्ण है |

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दुश्मन के हमले का पता कैसे लगाएं? कैसे अनुमान लगाया जाए कि कुछ गलत हुआ है?

यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण प्रश्न है कि हमारे साथ कुछ गलत हुआ है या नहीं। इसका पता कैसे लगाएं। तो यहाँ कुछ लक्षण बता रहे है जो ये बताते हैं की हमपे कोई अदृश्य बाधा हैं -

  1. बुरे सपने आना यानि सोते समय डरावने सपने आना वो भी लगातार |
  2. लगातार सिरदर्द रहना |
  3. अवांछित भय से पीड़ित रहना |
  4. यह अहसास होना कि कोई हमेशा मेरे साथ है |
  5. अवांछित गंध का महसूस होना किसी ख़ास समय या फिर हर समय |
  6. नियमित रूप से भोजन में बाल निकलना |
  7. सारी शक्तियाँ होते हुए भी काम करने की इच्छा नहीं होना ।
  8. व्यापार में अचानक से लगातार नुकसान होना |
  9. परिवार के सदस्यों में अचानक से स्वास्थ्य समस्याएं पैदा होना |
  10. प्रेमी का अचानक से व्यवहार बदल जाना |
  11. असामान्य व्यवहार करने लगना |

तो ये कुछ सामान्य लक्षण हैं जो उस व्यक्ति में पाए जाते हैं जो काला जादू या बुरी नजर या दुश्मन के हमले से प्रभावित होता है। यदि ऐसा हो रहा है तो यह आवश्यक है कि हम किसी जानकार से सहायता लेके अपनी रक्षा करे ।

यदि आप दुश्मन के हमले के बारे में निश्चित हैं, यदि आप वास्तव में दुश्मन को हराना चाहते हैं, यदि आप वास्तव में दुश्मन की समस्या का सही समाधान चाहते हैं तो पहले परामर्श करना अच्छा है परन्तु जानकारी के लिए यहां मैं कुछ आसान उपाय बता रहा हूं।

आइये जानते हैं शत्रु आक्रमण का समाधान :

शत्रु हमले की शक्ति को कम करने के शक्तिशाली उपाय, शत्रु को नष्ट करने का सबसे अच्छा तरीका, इससे न केवल आप अपने आप को मजबूत बना सकते हैं बल्कि भौतिक दुनिया में भी सफलता प्राप्त कर सकते हैं। 

हनुमानजी की पूजा शत्रु के प्रयोगों को काटने के लिए :

कृष्ण पक्ष के शनिवार या मंगलवार को बजरंगबली या हनुमानजी को चोला चढ़ाएं शुभ मुहूर्त में और 1 बैठक में 108 बार हनुमान चालीसा का पाठ करें और शत्रु से रक्षा के लिए प्रार्थना करें। यह प्रक्रिया आपको भौतिक शत्रु के साथ ही छिपे हुए शत्रु से भी बचाएगी। यदि समस्या जटिल है तो यह पूजा मंगलवार या शनिवार की रात 10:00 बजे के बाद करें। दीपक जलाकर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके । गुगल धूप का प्रयोग करें, प्रसाद चढ़ाएं और उपरोक्त साधना करें।

सिद्ध बगलामुखी यंत्र की स्थापना :

यह बहुत अच्छा यंत्र है और चमत्कारी भी है। यह सिद्ध यंत्र आपके परिवार, घर, व्यावसायिक स्थान को शत्रुओं के आक्रमण, काला जादू, बुरी नजर आदि से बचाने में सक्षम है। इस यंत्र को सिद्ध करवा के स्थापित करना चाहिए |

बहुत ही महत्वपूर्ण प्रक्रिया प्रतिदिन नहाने के बाद हनुमानजी के सामने 2 लौंग जलाएं और हनुमान चालीसा का पाठ करें अब जली हुई लौंग की राख से तिलक लगाएं। इससे आपको जीवन में बहुत सकारात्मक बदलाव महसूस होगा |

शत्रु नाशक मंत्र:

शत्रु को नष्ट करने के लिए तांत्रिक मन्त्र भी होते हैं परन्तु ध्यान रखे की इस प्रकार के मंत्र का प्रयोग न करें क्योंकि यह लंबे समय में बहुत खतरनाक प्रभाव देगा। और अगर हम जीवन देने में असमर्थ हैं तो हमे किसी को मारने से भी दूर रहना चाहिए |सुरक्षा अच्छी है लेकिन हत्या एक अपराध है इसलिए सहज जीवन जीने के लिए इससे बचें।

सिद्ध महाकाली यंत्र:

यह एक और शक्तिशाली यंत्र है जो छिपे हुए शत्रुओं, नकारात्मक ऊर्जा से हमारी रक्षा करता है और सफलता का मार्ग भी खोलता है। इसे भी सिद्ध करवाके स्थापित करना चाहिए |

और भी कई अन्य शक्तिशाली पूजाएं हैं, अनुष्ठान हैं जो की रख्सा के लिए किये जाते हैं |


इसलिए यदि आप किसी शत्रु समस्या से पीड़ित हैं तो चिंता न करें, शांत रहें और संपर्क करें आपके समस्याओं को सुनके आपकी कुंडली का अध्ययन करके आपको सही मार्गदर्शन दिया जायेअग |

शत्रु समस्या का पता लगाने के लिए ज्योतिष विज्ञान:

समाधान प्राप्त करने से पहले कुंडली या कुंडली या जन्म कुंडली का विश्लेषण करना आवश्यक है। इससे हम समस्याओं के वास्तविक कारणों का पता लगा सकते हैं क्यूंकि हर घटना के पीछे ग्रहों का प्रभाव तो रहता ही है ।

इस प्रकार की समस्या में राहु, केतु, शनि और मंगल का अध्ययन बहुत महत्वपूर्ण है और कुंडली का छठा स्थान भी बहुत महत्वपूर्ण है। एक अनुभवी ज्योतिषी जन्म कुंडली का अध्ययन करके आपको स्पष्ट करता है कि जीवन में सफलता पाने के लिए क्या करना चाहिए, कौन से ग्रह समस्या दे रहे हैं ।

कभी-कभी ग्रहों की शांति पूजा भी शत्रु के आक्रमण से स्वयं को बचाने में बहुत सहायता करते हैं ।

शत्रु से कैसे बचे, how to protect ourselves from enemy attack, क्या करे अगर शत्रु कलि शक्तियों का प्रयोग करता हो, ज्योतिष से कैसे पता लगाए की शत्रु के द्वारा परेशानी का सामना करना पड़ेगा |

Sawan Mahine Ke liye Chamatkari Prayog

श्रावण मास के टोटके, जीवन को सफल बनाने के सर्वोत्तम उपाय, स्वास्थ्य, धन और समृद्धि के लिए शिव पूजा, सावन महीने में रुद्राभिषेक का महत्व , कालसर्प दोष निवारण के लिए पूजा, पितृ दोष निवारण के लिए शिव पूजा

श्रावण मास शिव मंदिरों में पूजा करने के लिए सबसे अच्छे महीनों में से एक है। सावन का महीना शिव का अनुकूल महीना है और इसलिए भक्त भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए विभिन्न प्रकार के अनुष्ठान करते हैं। कुछ जादुई आसान टोटके अपनाकर हम अपने जीवन को बाधा मुक्त बना सकते हैं।

Sawan Mahine Ke liye Chamatkari Prayog
Sawan Mahine Ke liye Chamatkari Prayog

भगवान शिव को भोलेनाथ भी कहा जाता है और वे भक्तों को आसानी से आशीर्वाद देते हैं। सबसे खास बात यह है कि भोलेनाथ की पूजा करने के लिए हमें किसी खास चीज की जरूरत नहीं होती है। सावन के महीने में शिव पूजा का विशेष महत्व है। श्रावण मास में नियमित रूप से पूजा करने वाले भक्त की हर मनोकामना शिवजी पूरी करते हैं।

हिंदी ज्योतिष के अनुसार श्रावण मास में पड़ने वाले सोमवार बहुत शुभ होते हैं और श्रावण सोमवार की पूजा आसानी से भगवान शिव की कृपा को आकर्षित करती है।

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आइए जानते हैं श्रावण मास के कुछ शक्तिशाली आसान टोटके:

  1. प्रातः काल अर्थात ब्रह्म मुहूर्त में भगवान शिव की आराधना अति उत्तम होती है। शिव परिवार की पूजा करने से हर मनोकामना पूर्ण होती है। भगवान शिव परिवार में देवी पार्वती, श्री गणेश, कार्तिकेय और नंदी शामिल हैं।
  2. श्रावण मास में प्रतिदिन क्षमता के अनुसार शिव मंत्र का जाप करना शुभ होता है।
  3. श्रावण मास में रुद्राभिषेक का विशेष महत्व है। अगर कोई परिवार के साथ रुद्राभिषेक करता है तो वह जीवन में आसानी से स्वास्थ्य, धन, सुख, समृद्धि लाता है।
  4. बेल के पत्तों के रस से अभिषेक करने से जीवन में सफलता मिलती है।
  5. यदि किसी का कुंडली या जन्म कुंडली में कालसर्प योग है तो पंचमी तिथि को विशेष रूप से श्रावण मास में शिव पूजा करना अच्छा होता है। साथ ही बहती नदी या शिव मंदिर में चांदी या तांबे का नाग-नागिन जोड़ा चढ़ाना अच्छा होता है। यह कालसर्प योग के प्रभावों को कम करने में मदद करेगा।
  6. सावन के महीने में पारद शिवलिंग की पूजा भी बहुत प्रभावशाली होती है, पारद शिवलिंग को स्थापित करना और फिर पंचामृत (गंगा जल, गाय का दूध, दही, शहद, घी) से अभिषेक करना शुभ होता है।
  7. यदि कुंडली में पितृ दोष है तो जीवन को सफल बनाने के लिए प्रतिदिन काले तिल से शिवलिंग का अभिषेक करें।
  8. श्रावण मास के सोमवार के दिन मनोकामना पूर्ति के लिए करें यह टोटका। बेल के 21 पत्ते लें और चंदन की स्याही से "  नमः शिवाय" लिखें और फिर इसे शिवलिंग पर चढ़ाएं और प्रार्थना करें।  नोट: चतुर्थी, अष्टमी, नवमी, अमावस्या, संक्रांति और सोमवार को बेलपत्र न तोड़ें।
  9. धन लाभ के लिए कच्चे चावल से शिव का अभिषेक करना अच्छा होता है।
  10. यदि विवाह में विलम्ब हो रहा हो तो श्रावण मास में केसर के दूध से अभिषेक करना उत्तम होता है।
  11. वैवाहिक सुख के लिए शिव और पार्वती की एक साथ पूजा करें।

तो सावन में कुछ प्रयोग करके हम अपने जीवन में से परेशानियों को कम कर सकते हैं, शिव कृपा से सभी का जीवन सुखमय हो , यही शुभ कामना |

ॐ नमः शिवाय 

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Guru poornima ka mahattw in hindi jyotish

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Guru poornima ka mahattw in hindi jyotish and vedic astrologer
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2021 गुरु पूर्णिमा:

इस वर्ष गुरु पूर्णिमा 23  और 24 जुलाई को मनाई जायेगी अलग अलग मान्यता के अनुसार |गुरु पूर्णिमा की वास्तविक पूर्णिमा रात की 23 तारीख को होगी क्यूंकि 23 तारीख को सुभ लगभग 10:45 मिनट पे पूर्णिमा तिथि लग जायेगी । गुरु पूर्णिमा उन सभी के लये विशेष महत्व रखता है जो गुरु के महत्त्व को समझते हैं |

आइए समझते हैं गुरु पूर्णिमा:

गुरु पूर्णिमा आध्यात्मिक गुरुओं के प्रति आभार प्रकट करने का दिन है। यह दिन ऋषि वेद व्यास द्वारा निश्चित किया गया था गुरुओ की विशेष पूजन और धन्यवाद अर्पण के लिए क्यूंकि गुरु ही है जो सच्चा ज्ञान देते हैं |

गुरु वह शक्ति है  जो हमें सही रास्ता दिखाते हैं और हमें यह भी सिखाते है कि कैसे अपने वास्तविक गंतव्य तक सफलतापूर्वक पहुंचा जाए। गुरु एक ऐसी ज्शवलंत शक्ति है जो शिष्य को एक शक्तिशाली और पूर्ण व्यक्तित्व प्रदान करते हैं जो की पूरे विश्व के कल्याण के लिए जरुरी है |

  1. भारत में प्राचीन काल से गुरुओं की पूजा होती रही है ।
  2. भगवान शिव भी कहते हैं कि भगवान और गुरु में कोई अंतर नहीं है इसलिए शिष्य का कर्तव्य है कि वह पूरी तरह से गुरु चरणों में समर्पित हो जाए।
  3. जीवन का अंतिम लक्ष्य मोक्ष है जो आध्यात्मिक गुरु के बिना संभव नहीं है।
  4. गुरु के बिना आत्मा का भटकना नहीं रुकता।
  5. परम शांति भी गुरु के बिना संभव नहीं है।
  6. गुरु के बिना सफल जीवन भी संभव नहीं है।
  7. भीतर का खजाना भी बिना गुरु के हमारे सामने नहीं आ पाता।
  8. इसलिए कहा जाता है कि गुरु को खोजने के लिए हर कदम उठाएं। जब व्यक्ति को गुरु मिल जाता है तो जीवन की वास्तविक यात्रा शुरू हो जाती है।
  9. ईश्वर इस संसार में भौतिक रूप से गुरु के रूप में विद्यमान है।

हिंदू पंचांग के अनुसार आषाढ़ के महीने में गुरु पूर्णिमा आती है और इस दिन प्रत्येक शिष्य अपने आध्यात्मिक गुरु या गुरु की पूजा करता है और अपनी गहरी कृतज्ञता प्रकट करता है।

किसी भी साधना को शुरू करने के लिए पूर्णिमा को शुभ दिन के रूप में भी लिया जाता है, इसलिए बहुत से लोग इस महत्वपूर्ण और पवित्र दिन या गुरु पूर्णिमा पर अपनी आध्यात्मिक यात्रा शुरू करते हैं।

गुरु पूर्णिमा आध्यात्मिक साधकों की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दिन शिष्य गुरुओं का आशीर्वाद लेते हैं।

आध्यात्मिक गुरु भटकना बंद कर देते हैं और अपने शिष्यों को एक विशेष स्थिति में स्थिर करते हैं ।

आइये जानते हैं की गुरु पूर्णिमा पर क्या कर सकते हैं ?

यह गुरु की पूजा करने का दिन है इसलिए इस शुभ दिन पर क्या करना है इसका उत्तर भी बहुत सरल है अर्थात गुरु की पूजा करें जिनसे आपने दीक्षा या शक्तिपात लिया है या साधना करना सिखा है।

अब एक बहुत ही महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि गुरु पूजा कैसे करें?

यहाँ मैं गुरु की पूजा करने का सबसे सरल तरीका प्रदान कर रहा हूँ-

इस पवित्र दिन पर आशीर्वाद पाने के लिए और अपनी कृतज्ञता दिखाने के लिए गुरु चरणों की पूजा करना अच्छा होता है। गुरु चरणों की पंचोपचार पूजा करें और मौसमी फल, मिठाई, वस्त्र, दक्षिणा अर्पित करें।

एक वास्तविकता ये भी ध्यान रखे की गुरु को कुछ भी देना संभव नहीं है क्योंकि वे किसी भी भौतिक पहुंच से परे हैं इसलिए किसी भी आध्यात्मिक गुरु को किसी भी भौतिक पदार्थ से संतुष्ट करना संभव नहीं है।

तो सबसे अच्छी बात यह है कि हम अपने आप को पूरी तरह से गुरु चरणों में समर्पित कर दें और उनके बताये निर्देशों का पालन करें क्योंकि वही सत्य जानते हैं । यही गुरु की सच्ची पूजा है। और इस तरह हम पूरे जीवन के हरेक दिन को गुरु पूर्णिमा बना पाएंगे।

यदि आप एक साधक हैं, यदि आप आध्यात्मिक पथ में सफलता चाहते हैं, यदि आप धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष चाहते हैं तो वास्तविक गुरु की तलाश करें, अपने गुरु की पूजा करें, अपने आप को गुरु के चरणों में समर्पित करें और देखें कि आपके जीवन में परिवर्तन कैसे शुरू होता है।


अगर किसी ने दीक्षा नहीं ली है तो क्या करें?

इस अवस्था में आदि गुरु भगवान शिव या भगवान विष्णु की पूजा करें और उनसे प्रार्थना करें कि आपको आगे बढ़ने का सही रास्ता मिले ।

यह भौतिक संसार भ्रमों से भरा है और सच्चे आध्यात्मिक गुरु के बिना आगे बढ़ना संभव नहीं है। तो शिष्य बनके गुरु से मार्गदर्शन पाने के लिए प्रार्थना करो।

2021 गुरु पूर्णिमा:

इस वर्ष गुरु पूर्णिमा 24 जुलाई 2021, शनिवार को मनाई जायेगी ज्योतिष अनुसार


मैं अपने प्रत्येक ब्लॉग पाठको  को "ह्रदय से गुरु पूर्णिमा" की शुभकामनाएं देता हूं। हम सभी को अपने गुरु का आशीर्वाद मिले, यही शुभ कामनाये ।

ॐ गुरु ॐ 


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Saawan Mahine Ka Mahattw in hindi jyotish

2021महत्व का श्रावण मास, सावन मास , सफलता के लिए क्या करें , कुछ आसान प्रयोग, श्रावण सोमवार का महत्व |

इस वर्ष 2021 में 'श्रवण मास'25 जुलाई, रविवार से शुरू होकर 22 अगस्त, रविवार तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दौरान 'श्रवण तारा ' आकाश में शक्तिशाली रहता है और इसलिए इन दिनों को श्रावण मास कहा जाता है | साधना की दृष्टि से यह महिना बहुत महत्वपूर्ण है और इसलिए श्रावण मास में बहुत ही महत्वपूर्ण पर्व आते हैं।

Saawan Mahine Ka Mahattw in hindi jyotish
Saawan Mahine Ka Mahattw in hindi jyotish

यह महीना भगवान शिव को समर्पित है और इसलिए दुनिया में हर जगह भक्त जीवन को सफल बनाने के लिए शिव को प्रसन्न करने के लिए शिव आराधना करते हैं।

श्रावण मास में कांवड़ यात्रा भी बहुत लोकप्रिय है, इसमें भक्त पवित्र नदी से जल लेते हैं और फिर शिवलिंग का अभिषेक करते हैं। इसे बहुत ही शुभ बताया गया है।

श्रावण मास का धार्मिक महत्व:

ऐसी मान्यता है कि हिंदू पंचांग के अनुसार श्रावण के महीने में समुंद्र मंथन हुआ था और भगवान शिव ने इस महीने में इस मंथन में निकले हलाहल विष को अपने कंठ पे धारण किया और ब्रह्मांड को बचाया। हलाहल विष को ग्रहण करने से उनका कंठ नीला हो गया और इसीलिए उन्हें नील कंठ भी कहा जाता है |

इसलिए भक्त जीवन की बाधाओं को दूर करने के लिए इस महीने में भगवान शिव की पूजा करते हैं।

साथ ही यह श्रावण मास चतुर्मास की शुरुआत है और वर्षा ऋतु का भी प्रतीक है इसलिए साधना के लिए बहुत अच्छा है।

Watch details in video here:


आइये जानते हैं की कौन कौन से मुख्य उत्सव मनाये जायेंगे 2021 के सावन महीने में :

श्रावण मास में चार सावन सोमवार पड़ रहे हैं। २६ जुलाई, २ अगस्त, ९ अगस्त, १६ अगस्त। ये 4 सोमवार भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। महाकाल की नगरी उज्जैन में इन सोमवार को विशेष "महाकाल की सवारी" निकाली जाती है और लाखों लोग उज्जैन में महाकाल का आशीर्वाद लेने आते हैं।

  • कृष्ण पक्ष की गणेश चतुर्थी 27 जुलाई, मंगलवार को पड़ रही है।
  • 27 जुलाई, 3 अगस्त, 10 अगस्त, 17 अगस्त को मंगला गौरी व्रत है।
  • कामिका एकादशी 4 अगस्त, बुधवार को पड़ रही है।
  • हरियाली अमावस्या 8 अगस्त रविवार (रवि पुष्य योग) को आएगा ।
  • सिंधारा दोज 10 अगस्त, मंगलवार को है।
  • हरियाली तीज 11 अगस्त बुधवार को है।
  • 12, गुरुवार को है दूर्वा गणपति व्रत।
  • 13, शुक्रवार को नागपंचमी है।
  • पवित्रा एकादशी/पुत्रदा ग्यारस 18 अगस्त, बुधवार को है।
  • रक्षा बंधन 22 अगस्त 2021 रविवार को है।

तो उपरोक्त महत्वपूर्ण त्यौहार आ रहे हैं जिन पर लोग पूजा या अनुष्ठान कर सकते हैं ताकि जीवन सफल हो सके। 

जीवन को बाधा मुक्त बनाने के सर्वोत्तम तरीकों के बारे में जानने के लिए ज्योतिषी से परामर्श करना अच्छा रहेगा।

आइये जानते हैं श्रावण मास में अनुष्ठान करने के लाभ:

  1. जो लोग बेरोजगार है, वे शिव पूजा करके अपने रोजगार के अवसर खोल सकते हैं |
  2. अविवाहित पुरुष और महिलाएं भगवान शिव और देवी पार्वती की एक साथ पूजा करके बाधाओं को दूर कर सकते हैं।
  3. शादी शुदा लोग वैवाहिक जीवन को खुशहाल बना सकते हैं।
  4. श्रावण के इस शुभ महीने में शिव पूजा करके कोई भी कालसर्प दोष, पितृ दोष, ग्रहण दोष, प्रेत दोष और कुंडली के कई अन्य दोषों से छुटकारा पा सकता है।
  5. नाम, प्रसिद्धि, धन और समृद्धि को आकर्षित करने के लिए कोई भी पूजा कर सकता है।
  6. भीषण गर्मी के बाद श्रावण के इस अद्भुत महीने का आनंद लें, अपने जीवन को आरामदायक बनाएं, परिवार और दोस्तों के साथ समय का आनंद लें, साधना  पूजा करें, श्रावण सोमवार का उपवास करें और शिव पूजा करें।
  7. इस माह में भगवन शिव की पूजा रुद्राक्ष, बेलपत्र, पंचामृत से करना भी शुभता लाता है जीवन में | शिव पंचाक्षरी मंत्र का जाप, महामृत्युंजय मंत्र का जाप भी सहायक होता है।

श्रावण सोमवार का महत्व

वैदिक ज्योतिष के अनुसार सावन का महीना बहुत शुभ है और भगवान शिव से संबंधित है, ऐसा माना जाता है कि यह शिव का पसंदीदा महीना है और इसलिए भक्त भोलेनाथ का आशीर्वाद पाने के लिए विभिन्न अनुष्ठान करते हैं।

सभी दिनों में सोमवार भगवान शिव का पसंदीदा दिन है और इसलिए हिंदू पंचांग के अनुसार श्रावण मास में आने वाले सभी सोमवार को 'सावन सोमवार' के रूप में जाना जाता है। यह दिन बहुत ही खास है और भगवान शिव की पूजा और प्रसन्न करने के लिए सबसे अच्छा दिन है, भक्त भोलेनाथ के आशीर्वाद को आकर्षित करने के लिए शिव मंदिरों में घर पे पूजा, अनुष्ठान करते हैं ताकि जीवन सफल हो सके। इस महीने में प्रत्येक सोमवार को श्रावण सोमवार कहा जाता है और श्रावण सोमवार व्रत भी करते हैं जो हर दृष्टि से अत्यंत शुभ और महत्वपूर्ण माना जाता है।

आइए जानते हैं "श्रवण सोमवार" पर हम क्या कर सकते हैं :

  • इस दिन कोई भी व्रत कर सकता है और पूरा दिन भगवान शिव की प्रार्थना/पूजा में बिता सकता है।
  • जीवन की बाधाओं को दूर करने के लिए सावन सोमवार को रुद्राभिषेक करना अच्छा होता है।
  • कुंडली में चंद्र दोष होने पर जल से शिवजी का अभिषेक करना अच्छा होता है।
  • रोग से छुटकारा पाने के लिए पंचामृत से भगवान शिव का अभिषेक किया जा सकता है।
  • बेल फल की पत्तियां और धतूरा भी भोलेनाथ को प्रिय हैं और इसलिए इन चीजों का उपयोग शिवलिंग पर चढ़ाने के लिए भी कर सकते हैं।
  • अगर आप व्रत कर रहे हैं तो सिर्फ फलाहार करे एक समय और पूरा दिन शिव मंत्र के जाप में बिताएं।
  • यदि भाग्य साथ नहीं दे रहा है तो श्रावण मास में शिव पूजा का भी बहुत महत्व है।

आइए जानते हैं 2021, चार श्रावण सोमवार कौन कौन सी तारीखों को है:

  1. 26 जुलाई, सोमवार- प्रथम श्रावण सोमवार व्रत सोमवार
  2. 2 अगस्त - दूसरा सावन सोमवार व्रत सोमवार
  3. 9 अगस्त - तीसरा सावन सोमवार व्रत सोमवार
  4. 16 अगस्त - चौथा सावन सोमवार व्रत।

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Devshayani Ekadashi Ka Mahattwa in Hindi jyotish

देव शयनी एकादशी का महत्व, पद्मा एकादशी का महत्व, significance of dev shayni ekadashi, हरि शयनी ग्यारस, देव शयनी एकादशी का अर्थ, इस दिन ग्रहों की स्थिति।

देव शयनी एकादशी 20 जुलाई 2021, मंगलवार को पड़ रही है।

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Devshayani Ekadashi Ka Mahattwa in Hindi jyotish


आषाढ़ शुक्ल पक्ष का ग्यारहवां दिन भारत में विशेष रूप से हिंदुओं में बहुत लोकप्रिय है। मान्यता है कि इस दिन से भगवान विष्णु क्षीर सागर में शयन करने लगते हैं। विभिन्न क्षेत्रों में लोग इस एकादशी को पद्मा एकादशी, प्रथमा एकादशी, देव शयनी एकादशी, हरि शयनी एकादशी आदि के नाम से जानते हैं।

इस दिन भगवान विष्णु या वासुदेव के भक्त पूरे दिन और रात उपवास रखते हैं और खुद को मंत्र जप, अनुष्ठान आदि में संलग्न रखने का प्रयास करते हैं। इस दिन से चातुर्मास की शुरुआत भी होती है, जिसका अर्थ है आध्यात्मिक विकास प्राप्त करने के लिए विशेष अनुष्ठान करने के लिए 4 महीने।


साल 2021 में हरि शयनी एकादशी 20 जुलाई, मंगलवार को आ रही है।


मान्यता के अनुसार यह एकादशी का दिन तब अस्तित्व में आया जब राजा मंदाता ने ऋषि अंगिरा से सलाह लेने के बाद इस दिन उपवास और अनुष्ठान किया। इस व्रत को करने के बाद उनके राज्य में वर्षा हुई और उनका राज्य  समृद्ध हुआ | इसलिए लोग जीवन में समृद्धि को आकर्षित करने के लिए भी इस दिन व्रत, पूजन और अनुष्ठान करते हैं।

आइए देखें 20 जुलाई, मंगलवार को ग्रहों की स्थिति:

  • गोचर कुंडली में चंद्र ग्रहण योग बनेगा जो कि वातावरण के अनुकूल नहीं है।
  • चंद्रमा नीच का होगा जो भी अच्छा नहीं है।
  • मंगल ग्रह नीच का रहेगा जो भी एक अच्छा संकेत नहीं है।
  • शनि अपनी ही राशि में रहेगा जो साधकों के लिए अच्छा है।

कुल मिलाकर गोचर कुंडली में ग्रहों की स्थिति अच्छी नहीं है इसलिए यात्रा करते समय सावधानी बरतना अच्छा है। साथ ही किसी भी प्रकार की चर्चा, विवाद, वाद-विवाद आदि से बचें। बाधामुक्त जीवन के लिए पूजन करें।

देवशयनी एकादशी पर क्या करें अच्छे जीवन के लिए?

  1. प्रातः जल्दी उठकर नित्य कर्म करके पूरे परिवार की समृद्धि के लिए पूरे दिन रात व्रत रखने का संकल्प घर के मंदिर में लें।
  2. अगर कोई बीमार है तो व्रत न करें।
  3. भगवान वासुदेव यानी भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए विशेष पूजा करें।
  4. हम भगवान विष्णु का अभिषेक कर सकते हैं, भगवान विष्णु के 1008 नामों का पाठ कर सकते हैं।
  5. विष्णु सहस्त्र नाम का जप कर सकते हैं |
  6. हम निम्नलिखित लोकप्रिय मंत्र "ॐ  नमो भगवते वासुदेवाय" का भी जाप कर सकते हैं।
  7. भोग अर्पित करें और आस-पास और भगवान विष्णु के मंदिर में सभी को प्रसाद वितरित करें।
  8. सबकी भलाई के लिए प्रार्थना करें।
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यह भी मान्यता है कि देव शयनी एकादशी के बाद विवाह वर्जित हैं। हरि शयनी एकादशी के बाद ४ महीने की अवधि साधना करने के लिए सर्वोत्तम है। मौसम भी सबका साथ देता है।

तो जो लोग किसी भी प्रकार की साधना करना चाहते हैं उनके लिए अब विशेष समय होगा|

भगवान विष्णु सभी के जीवन को शांति और समृद्धि से परिपूर्ण करें।


जानिए ज्योतिष अपनी कुंडली अनुसार की :

  • कैसा रहेगा भविष्य |
  • वैवाहिक जीवन कैसा होगा|
  • लव लाइफ कैसा होगा |
  • कुंडली में कौन से दोष है और उनके उपाय क्या होंगे |
  • कौन सा रत्न भाग्य जगायेगा |
  • कौन सी पूजा शुभ रहेगी |

ॐ  नमो भगवगे वासुदेवाय


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Nagkesar Ke chamatkari Prayog jyotish anusar

नागकेशर   क्या है, जानिए ज्योतिष  में इस वनस्पति का महत्व, नागकेसर के टोटके,  जीवन की समस्याओं को दूर करने के लिए ज्योतिष में नागकेसर जड...