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Showing posts from April, 2021

Navtapa kya hota hai kab se lagega

Nautapa kya hota hai, नौतपा कब से शुरू होंगे 2022 में, क्या करें और क्या न करें navtapa mai, 2022 में नौतपा कब से लगेगा?| Nautapa 2022 me 25 मई बुधवार से शुरू होंगे और 2 जून गुरुवार तक रहेंगे | नवतपा में गर्मी अत्यधिक बढ़ जाती है इसीलिए ऐसे में लोग अपने आपको ठंडा रखने के लिए विभिन्न प्रकार के प्रयोग करते हैं | क्या होता है नवतपा ? जब सूर्य देव चन्द्रमा के नक्षत्र रोहिणी में प्रवेश करते हैं तब शुरू होता है नवतपा और ये स्थिति 9 दिन तक बनी रहती है, इसे ही नवतपा कहते हैं | मान्यता के अनुसार इन 9 दिनों में भीषण गर्मी होती है | कहा जाता है की नवतपा जितना तपता है उतनी ही अच्छी बारिश होती है |  Navtapa kya hota hai kab se lagega Read in english what is navtapa? Nautapa/नौतपा के दिनों में क्या करें और क्या न करें? इस समय सूर्य की सीधी किरने धरती पर पड़ती है जिसके कारण गर्मी बढ़ जाती है तो ऐसे में कुछ ध्यान रखना चाहिए : गर्मी ज्यादा पड़ने पर पैरो के तलवे पे मेहंदी लगाना चाहिए, इससे ठंडक रहती है| जब भी बाहर निकले तो शारीर को पूरा ढक के निकले | पानी, फलो के ताजा रस, गन्ने का रस आदि समय समय

Akaal Mrityu Kya Hoti Hai

अकाल मृत्यु का सच क्या है, क्या होता है अकाल मृत्यु के बाद, कैसे बच सकते हैं असमय मौत से, क्या कर सकते हैं उनके लिए जिनकी हुई है अकाल मृत्यु, Akal Mrityu | Akaal Mrityu Kya Hoti Hai अकाल मृत्यु क्या है ? मृत्यु तो अटल है परन्तु ऐसे भी बहुत से लोग है जो की कम उम्र में ही असमय काल के ग्रास बन जाते हैं विभिन्न कारणों से जैसे दुर्घटना के कारण, किसी बिमारी के कारण, महामारी के कारण आदि | जिनकी आयु बहुत लिखी होती है परन्तु किसी करणवश वे जल्दी शारीर छोड़ दे तो ऐसे मृत्यु को अकाल मृत्यु की संज्ञा दी जाती है | साधारणतः अगर कोई बहुत ही कम उम्र में शारीर छोड़ दे तो उसे भी अकाल मृत्यु कहा जाता है | यदि कोई प्राणी भूख से पीड़ित होकर मर जाता है, या किसी हिंसक प्राणी द्वारा मारा जाता है। या फिर गले में फांसी का फंदा लगाने से जिसकी मृत्यु हुई हो अथवा जो विष, अग्नि आदि से मृत्यु को प्राप्त हो जाता है। अथवा जिसकी मृत्यु जल में डूबने से हुई हो या जो सर्प के काटने से मृत्यु को प्राप्त हुआ हो, या जिसकी दुर्घटना या रोग के कारण मौत हो जाती है। ऐसा प्राणी अकाल मृत्यु को प्राप्त होता है।  आत्म हत्या भी अका

Naukri Kare Ya business Jyotish Anusar Kaise Jaane

ज्योतिष कुंडली के अनुसार अपना कैरियर चुनें, कुंडली के अनुसार कैसे निर्णय ले की नौकरी या व्यवसाय क्या ठीक रहेगा | क्या आपको यह तय करने में मुश्किल आ रही है कि क्या करना चाहिए जीवन व्यापन के लिए – नौकरी या व्यापार ?  तो ज्योतिषी आपकी मदद कर सकते हैं। ज्योतिष आपके जीवन पर ग्रहों के प्रभाव के अनुसार सही कैरियर का चयन करने में आपकी मदद कर सकते है। इस लेखे में हम कुंडली में मौजूद ग्रहों की स्थिति के अनुसार जानेंगे की क्या करना बेहतर है – नौकरी या व्यवसाय | Naukri Kare Ya business Jyotish Anusar Kaise Jaane कई बार हम नौकरी या व्यवसाय चुनने के बारे में भ्रमित होते हैं जैसे कि जब कोई व्यक्ति नौकरी में समस्या का सामना करता है तो नए कमाई के स्रोत को चुनने के बारे में सोचना शुरू कर देता है और उस समय यह सवाल उठता है कि क्या कोई व्यवसाय करना है या नई नौकरी खोजना है।  यही समस्या उन लोगो के साथ भी आती है जो लोग अपनी पढ़ाई पूरी करके आय के स्त्रोत की तलाश में रहते हैं | बहुत से लोग नौकरी और बिजनेस दोनों को करने के बारे में सोचते हैं । ज्योतिष के माध्यम से हम जान सकते हैं कि जीवन यापन के लिए कौन सी न

Hum Durbhagya Ko Kaise Akarshit Karte Hain

हम जीवन में बुरी किस्मत को कैसे आकर्षित करते हैं, दुर्भाग्य के लिए किस प्रकार की गतिविधियां जिम्मेदार हैं और व्यक्ति अपने जीवन में अपने कर्मों या आदतों से कैसे बाधाएं उत्पन्न करता है? वास्तव में हम हमेशा जीवन में आने वाली बाधाओं के लिए रोते हैं, हम हमेशा जीवन में मौजूद बाधाओं के बारे में शिकायत करते हैं लेकिन वास्तव में कई समस्याएं हैं जो हम अपने कर्मों या आदतों से पैदा करते हैं। जाने या अनजाने में हम ऐसे कई काम करते हैं जो बदकिस्मती को आकर्षित करने के लिए अच्छा नहीं है। उनकी वजह से हम कभी-कभी कई तरह की समस्याओं से ग्रस्त हो जाते हैं। Hum Durbhagya Ko Kaise Akarshit Karte Hain इस लेख में हम उन आदतों और व्यवहार पर पर ध्यान केंद्रित करने जा रहे हैं जो एक सफल जीवन जीने में बाधा उत्पन्न करते हैं |कुछ आदतें होती हैं जो हमारे लिए अच्छी नहीं होती हैं और दुर्भाग्य लाती हैं। ये आदतें नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित कर सकती हैं, बुरी किस्मत को आकर्षित कर सकती हैं| इनके बारे में जानकार दुर्भाग्य से बचा जा सकता है | यदि आपका सपना एक सफल जीवन जीना है, यदि आपका सपना एक भाग्यशाली व्यक्ति बनना है, तो य

Shreefal Ke Fayde Jyotish Aur Chikitsa Anusar

श्रीफल के फायदे ज्योतिष और चिक्तिसा मे, जानिए नारियल के जादुई लाभ, स्वस्थ जीवन के लिए नारियल का रहस्य, नारियल में मौजूद पोषक तत्व। Shreefal Ke Fayde Jyotish Aur Chikitsa Anusar हम सभी पवित्र और पौष्टिक नारियल के बारे में जानते हैं। इसमें पानी होता है और यह स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा है और भारत में पूजा में भी इस्तेमाल किया जाता है। ज्योतिष शास्त्र और आयुर्वेद के अनुसार भी नारियल का हर भाग उपयोगी है। नारियल कॉयर प्रदान करता है जो विभिन्न प्रयोजनों के लिए उपयोग किया जाता है। यह अनुष्ठानों और तंत्र में इस्तेमाल की जाने वाली महत्वपूर्ण चीज़ों में से एक है। अंगेजी में नारियल को coconut कहा जाता है। नारियल का उपयोग विभिन्न तरीकों से किया जाता है जैसे कि, नारियल पानी ,  नारियल का दूध , खोपरा यानी कच्चा नारियल आदि। यह हर एक के लिए बहुत अच्छा भोजन है और शुद्ध भी है। इसीलिए ये दुनिया भर में लोकप्रिय है। Watch video here: क्या आप जानते हैं ? नारियल बहुत जादुई भोजन है और शरीर में फाइबर और प्राकृतिक तेल का एक अच्छा स्रोत है और इसलिए यह अच्छी वैकल्पिक दवा है- यह पाचन के लिए अच्छा है। अगर को

Janwaro Ko Khilane se Kaise Badalta Hai Bhagya

ज्योतिष के अनुसार पशुओं को खिलाने और उनके सेवा का महत्व, जानवरों को खिलाने के क्या फायदे हैं, जानवरों का आशीर्वाद लेकर समस्याओं से कैसे उबरें। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस ब्रह्माण्ड में हर वास्तु का सम्बन्ध किसी ना किसी ग्रह से होता है और ग्रहों का प्रभाव हर वास्तु पर पड़ता रहता है और इसलिए जब उपायों की बात आती है तो बुरे ग्रहों के प्रभाव को दूर करने के लिए, जानवरों की देखभाल और उन्हें खिलाने की सलाह दी जाती है। Janwaro Ko Khilane se Kaise Badalta Hai Bhagya यह एक अंधविश्वास नहीं है, लोगों को दशकों से जानवरों को खिलाने से लाभ मिल रहा है और इसलिए संदेह नहीं है। इस लेख में हम ज्योतिष के अनुसार विभिन्न प्रकार के जानवरों को खिलाने के विभिन्न लाभों के बारे में जानेंगे। जानवरों में हमारे दुःख को दूर करने की शक्ति होती है, उनके पास अत्यधिक संवेदनशील अंग होते हैं जिसके कारण जानवर कई घटनाओं का अनुमान लगाने में सक्षम होते हैं जो होने वाली होती हैं, बहुत से लोग ऐसे होते हैं जो जानवरों के व्यवहार का अध्ययन करके केवल भविष्यवाणियाँ देते हैं। जानवरों से संबंधित बहुत सी शकुन भी हैं जो जीवन से जुड

2021 Mai surya ka mesh rashi me pravesh ka rashifal

 2021 Mai surya ka mesh rashi me pravesh ka rashifal, Mesh sankranti ka fal, Sun in Aries prediction as per vedic astrology.  13 अप्रैल 2021 ki raatri ko,  ko surya mesh rashi me pravesh kar chuke hai aur 14 may tak rahenge, yaha achhi baat ye hai ki vedic jyotish anusar surya mesh raashi me uch ke ho jate hain aur iska shubh prabhav sabhi ko dekhne ko milega.  Surya atma ka karak hai, maan, samman, yatraa, pita, adhikari aadi se bhi juda hai atah sambandhit kshetro me bahut laabh dekhne ko milega.  2021 Mai surya ka mesh rashi me pravesh ka rashifal Aaiye jante hain ki surya ka mesh raashi me aane se 12 rashiyo par kya prabhav padega : Watch video here: Mesh Rashi –  surya mesh raashi mai pravesh kar chuke hai aur agle 1 mahine tak isi mai rahenge,  ye gochar aapke liye bahut hi shubh rahega aur nischit rup se aapke atmbal ko badhaayega, aapke ruke sarkaari kaarya pure honge, yatra ko badha sakta hai.  Aapke man me naye vishayo ko sikhne ke liye utsaah jaagega, naye sa

Mahamari Ko Nasht Karne Wala Chamatkari Mantra

 Mahamari nash mantra, durga shaptshati mantra, magical mantra to remove epidemic. जब पूरा विश्व महामारी से गुजर रहा हो ऐसे में ये जरुरी हो जाता है की जिन्हें जानकारी हो वो अपनी क्षमता अनुसार शक्ति साधना करे और देवी से महामारी नाश के लिए विशेष रूप से प्रार्थना करें. दुर्गा शप्तशती के अंतर्गत एक विशेष मन्त्र है जिसका जप अगर सम्पुट लगा के किया जाए तो निश्चित ही देवी की कृपा प्राप्त होती है | Mahamari Ko Nasht Karne Wala Chamatkari Mantra आइये जानते हैं वो शक्तिशाली मन्त्र : जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी।। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते।। आइये जानते हैं ॐ के सम्पुट के साथ ये दिव्य मन्त्र : ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी।। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते ॐ ।। Watch Video here: जप करने की विधि : इस महामारी नाश के मन्त्र का जप जितना ज्यादा से ज्यादा हो सके उतना करना चाहिए और वो भी हवन के साथ | अगर निम्न बातो का ध्यान रखा जाए तो बहुत अच्छा रहेगा – सबसे पहले लाल ऊनि आसन बिछाएं और अपने सामने माँ काली या दुर्गा जी का चित्र या मूर्ति